शिव पुराण ऑनलाइन कक्षा shiv katha kaise sikhe

शिव पुराण ऑनलाइन कक्षा shiv katha kaise sikhe

ram deshik prashikshan

शिव पुराण ऑनलाइन कक्षा

स्वागत है श्री राम देशिक प्रशिक्षण केंद्र पर!

यदि आप भी शिव पुराण कथा सीखकर शिव पुराण कथा प्रवक्ता बनना चाहते हैं, तो आपका हार्दिक स्वागत है! हमारा श्री राम देशिक प्रशिक्षण केंद्र आपको शिव पुराण की गहन ऑनलाइन कक्षा से जोड़कर आपके इस संकल्प को पूर्ण करने का अवसर प्रदान करता है। यह एक ऐसा मंच है जहां आप न केवल शिव पुराण कथा का ज्ञान प्राप्त करेंगे, बल्कि इसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की कला भी सीखेंगे। पूज्य गुरुदेव आचार्य शिवम मिश्र जी महाराज के मार्गदर्शन में, आप विधिवत तैयारी कर सकते हैं और विश्व स्तर पर फैले भक्तों के बीच अपनी पहचान बना सकते हैं।

पाठ्यक्रम का विवरण

हमारा शिव पुराण कथा पाठ्यक्रम कुल 7 महीनों का है, जो आपको चरणबद्ध तरीके से शिव पुराण की गहराई तक ले जाएगा। यह कोर्स विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो कथा वाचन की कला में निपुण बनना चाहते हैं। कक्षा जूम ऐप के माध्यम से संचालित होती है, जो आपको घर बैठे ही इस दिव्य ज्ञान से जोड़ती है।

  • कक्षा का समय: कमिंग सून। यह समय आपके दैनिक जीवन के साथ आसानी से समन्वित हो जाएगा।
  • छात्रों की पहुंच: भारत के सभी प्रांतों से छात्र-छात्राएं जुड़कर लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा, देश के बाहर अन्य देशों से भी शिव भक्त इस कथा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। चाहे आप कहीं भी हों, यह कक्षा आपको वैश्विक समुदाय का हिस्सा बना देगी।

कक्षा की संरचना और अभ्यास

कक्षा की संरचना इतनी व्यवस्थित है कि आपका हर सत्र ज्ञानवर्धक और अभ्यासपूर्ण हो। पूज्य गुरुदेव आचार्य शिवम मिश्रा जी महाराज के मार्गदर्शन में निम्नलिखित तरीके से कक्षा चलती है:

  1. प्रसंग की व्याख्या: सर्वप्रथम, पूज्य गुरुदेव द्वारा कथा प्रसंग को 30 मिनट तक विस्तार से समझाया और पढ़ाया जाता है। यह आपको मूल भावना और अर्थ की गहराई प्रदान करता है।
  2. श्लोकों का अभ्यास: उसके बाद, बारी-बारी से सभी छात्रों से श्लोक , चौपाई सुनाई जाती है। आपको वही श्लोक सुनना होता है जो आपने पिछले दिन भेजे गए इस श्लोकों को याद किया है। यह अभ्यास आपकी स्मृति और उच्चारण को मजबूत बनाता है।
  3. कथा बोलने का अभ्यास: इसके बाद, शिव पुराण कथा बोलने का अभ्यास करवाया जाता है। अभ्यास की सूची पहले से तैयार की जाती है, और गुरुदेव के मार्गदर्शन के अनुसार ही यह निर्धारित होता है कि किस प्रसंग पर किस छात्र को कब प्रवचन देना है। इस प्रकार, आप सभी छात्रों के सामने अपना वक्तव्य और प्रवचन प्रस्तुत करते हैं। यह व्यावहारिक अभ्यास आपको आत्मविश्वास से भर देगा और आपको एक कुशल कथा वाचक बना देगा।

यह संरचना न केवल सैद्धांतिक ज्ञान देती है, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी विकसित करती है, ताकि आप कहीं भी कथा का आयोजन कर सकें। कोर्स पूर्ण होने के बाद, आपको प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है, जो आपके द्वारा अर्जित कौशल और ज्ञान की आधिकारिक मान्यता के रूप में कार्य करता है। यह प्रमाण पत्र आपको शिव पुराण कथा प्रवक्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।

छात्रों के अद्भुत परिणाम

हमारे कोर्स से जुड़े छात्रों ने न केवल शिव पुराण कथा की गहन समझ प्राप्त की है, बल्कि वे अब स्वतंत्र रूप से कथा वाचन कर रहे हैं और भक्तों को प्रेरित कर रहे हैं। यहाँ कुछ चुनिंदा सफलता की कहानियाँ हैं, जो हमारे पूर्व छात्रों के अनुभवों पर आधारित हैं। ये परिणाम दर्शाते हैं कि कैसे यह प्रशिक्षण सामान्य भक्तों को कुशल कथा वाचकों में बदल देता है:-

ये केवल कुछ उदाहरण हैं। हमारे सैकड़ों पूर्व छात्र अब भारत और विदेशों में कथा आयोजनों का नेतृत्व कर रहे हैं, मंदिरों में प्रवचन दे रहे हैं, और सोशल मीडिया पर लाखों भक्तों तक पहुँच रहे हैं। कोर्स के व्यावहारिक अभ्यास ने उन्हें आत्मविश्वास प्रदान किया है, और प्रमाण पत्र ने उनकी योग्यता को वैश्विक मान्यता दिलाई है। यदि आप भी ऐसी सफलता की कहानी का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आज ही जुड़ें!

प्रमाण पत्र प्राप्ति प्रक्रिया

हमारा कोर्स पूर्ण करने पर प्रदान किया जाने वाला प्रमाण पत्र आपके समर्पण और सीखे गए ज्ञान का प्रमाण है। यह प्रमाण पत्र न केवल आपके रिज्यूमे को मजबूत बनाता है, बल्कि आपको विभिन्न धार्मिक आयोजनों, मंदिरों और भक्ति समुदायों में कथा वाचन के अवसर प्रदान करने में भी सहायक होता है। प्रमाण पत्र प्राप्ति की प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और चरणबद्ध है, ताकि आप बिना किसी जटिलता के इसे प्राप्त कर सकें। नीचे विस्तृत प्रक्रिया दी गई है:

1. कोर्स की पूर्णता सुनिश्चित करें

  • समयावधि: पूरे 7 महीनों की कक्षाओं को नियमित रूप से पूर्ण करें। प्रत्येक महीने के अंत में प्रगति रिपोर्ट जमा करें, जिसमें आपके द्वारा किए गए अभ्यासों का विवरण हो।
  • न्यूनतम उपस्थिति: कुल कक्षाओं का कम से कम 80% उपस्थिति अनिवार्य है। यदि आप किसी कक्षा में अनुपस्थित रहें, तो उपलब्ध रिकॉर्डिंग्स और पीडीएफ नोट्स के माध्यम से स्व-अध्ययन करें और अगली कक्षा में रिपोर्ट करें।
  • मासिक मूल्यांकन: हर महीने के अंत में एक छोटा मूल्यांकन (जैसे श्लोक पाठ या छोटा प्रवचन) होता है, जिसे सफलतापूर्वक पास करना आवश्यक है।

2. अंतिम मूल्यांकन और प्रस्तुति

  • अंतिम सत्र: कोर्स के अंतिम महीने में एक विशेष अंतिम सत्र आयोजित किया जाता है, जहां आपको पूरे कोर्स के प्रमुख प्रसंगों पर आधारित एक पूर्ण प्रवचन प्रस्तुत करना होता है। यह प्रस्तुति जूम पर लाइव होती है और सभी सह-छात्रों तथा गुरुदेव के समक्ष की जाती है।
  • मूल्यांकन मानदंड: आपकी प्रस्तुति का मूल्यांकन निम्नलिखित आधारों पर किया जाता है:
    • सामग्री की सटीकता: श्लोकों, प्रसंगों और शिव पुराण के मूल अर्थ की सही व्याख्या।
    • प्रस्तुति कौशल: उच्चारण, भावपूर्ण वर्णन, श्रोताओं को बांधने की क्षमता।
    • समय प्रबंधन: निर्धारित समय (लगभग 20-30 मिनट) में पूर्णता।
  • फीडबैक: गुरुदेव द्वारा तत्काल फीडबैक प्रदान किया जाता है, और यदि आवश्यक हो तो सुधार के सुझाव दिए जाते हैं।

3. प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया

  • सत्यापन: अंतिम मूल्यांकन के 7-10 दिनों के भीतर, संस्थान की टीम द्वारा आपकी प्रगति, उपस्थिति और मूल्यांकन को सत्यापित किया जाता है।
  • डिजाइन और सामग्री: प्रमाण पत्र डिजिटल और भौतिक दोनों रूपों में जारी किया जाता है। इसमें शामिल होते हैं:
    • आपका नाम, कोर्स विवरण, पूर्णता तिथि।
    • पूज्य गुरुदेव आचार्य शिवम मिश्रा जी महाराज का हस्ताक्षर और संस्थान की मुहर।
    • आपके द्वारा प्राप्त ग्रेड या “सफलतापूर्वक पूर्ण” का उल्लेख।
  • प्राप्ति माध्यम:
    • डिजिटल प्रमाण पत्र: ईमेल के माध्यम से पीडीएफ फॉर्मेट में तुरंत भेजा जाता है। आप इसे लिंक्डइन या अन्य प्लेटफॉर्म्स पर साझा कर सकते हैं।
    • भौतिक प्रमाण पत्र: यदि आप चाहें, तो पोस्ट के माध्यम से फ्रेम्ड प्रमाण पत्र (लगभग 15 दिनों में) प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए अतिरिक्त शिपिंग शुल्क लागू हो सकता है।
  • समयसीमा: सत्यापन के बाद 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी हो जाता है।

4. अतिरिक्त लाभ और सहायता

  • पुन: मूल्यांकन: यदि आप अंतिम मूल्यांकन में असफल रहें, तो एक अतिरिक्त अवसर (रिपीट सत्र) प्रदान किया जाता है, जिसमें कोई अतिरिक्त फीस नहीं लगती।
  • सत्यापन: प्रमाण पत्र की प्रामाणिकता के लिए संस्थान की वेबसाइट पर QR कोड स्कैन सुविधा उपलब्ध है, जो आपके रिकॉर्ड को सत्यापित करेगी।
  • सहायता: किसी भी चरण में समस्या हो, तो व्हाट्सएप ग्रुप या हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता लें। हमारा उद्देश्य है कि हर छात्र को प्रमाण पत्र प्राप्त हो और वह सफल कथा वाचक बने।

यह प्रक्रिया आपके सीखने को प्रमाणित करने के साथ-साथ आपको प्रोत्साहित करती है। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद, आप संस्थान के पूर्व छात्र नेटवर्क से जुड़ सकते हैं, जहां विभिन्न कथा आयोजनों के अवसर साझा किए जाते हैं।

कक्षा से जुड़ने की प्रक्रिया

यदि आप शिव पुराण कथा सीखना चाहते हैं और कक्षा से जुड़ना चाहते हैं, तो प्रक्रिया बेहद सरल है:

  • डेमो क्लास: सबसे पहले, एक दिन की डेमो क्लास लें। इससे आपको कक्षा का अंदाज़ा हो जाएगा।
  • नामांकन: डेमो क्लास के बाद, नामांकन प्रक्रिया को पूर्ण करें। नामांकन के बाद ही आपको कक्षा ग्रुप से जोड़ा जाएगा।
  • दैनिक सामग्री: ग्रुप में आपको प्रतिदिन पढ़ने का ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग और श्लोकों का रिकॉर्डिंग प्राप्त होगा। यदि कभी आप कक्षा से न जुड़ पाएं, तो कोई हानि नहीं—आपको पीडीएफ के रूप में कथा नोट्स प्रदान किए जाएंगे, ताकि आप अपना अध्ययन जारी रख सकें।

यह लचीलापन सुनिश्चित करता है कि आपका सीखना कभी रुके नहीं।

कोर्स फीस और छूट

शिव पुराण कथा के पूरे कोर्स की फीस ₹21,000 है। हम समझते हैं कि यह निवेश आपके भक्ति मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए:

  • इंस्टॉलमेंट विकल्प: आप इसे इंस्टॉलमेंट में जमा कर सकते हैं—हर महीने थोड़ी-थोड़ी राशि देकर।
  • विशेष छूट: यदि आप गुरुकुल के छात्र हैं, रोजगार का कर्म करते हैं, या संत हैं, तो आपके लिए विशेष छूट उपलब्ध है। यह छूट आपके समर्पण को सम्मान देती है।

फीस का यह मॉडल आपको बिना किसी आर्थिक बोझ के कोर्स पूरा करने में मदद करता है।

संपर्क करें और जुड़ें

यदि आप कक्षा से जुड़ना चाहते हैं, तो तुरंत हमसे संपर्क करें! आइकन पर क्लिक करके अपना नाम, पता, एड्रेस और अध्ययन विषय का फॉर्म भरें, और इसे व्हाट्सएप के माध्यम से हमें प्रेषित करें। हम जल्द ही आपके साथ जुड़ेंगे।

धन्यवाद! अधिक जानकारी के लिए कॉल करें। आपका यह कदम आपको शिव पुराण कथा के दिव्य संसार में ले जाएगा, जहां आप न केवल सीखेंगे, बल्कि प्रेरणा का स्रोत भी बनेंगे। जय भोलेनाथ!

Share This Article
Leave a Comment